उषा किरण खान

मेरे जीवन निर्माण में महत्वपूर्ण स्त्रीगण की भूमिका

होश संभालने के बाद अनेकानेक स्त्रीपात्र मेरे जीवन का हिस्सा बने जिनकी छाप मेरे वजूद पर आज तक है। सबसे पहला नाम है मेरी बालसंगी भुल्ली का। भुल्ली मेरे पिता जी के सेवक साथी पंचू दास की बेटी है। पंचू दास का परिवार रजवा गांव से हमारे साथ है। बाबूजी जेल में थे और सरकार की ओर से स्वतंत्रता सेनानी को बायकॉट करने का फरमान जारी किया गया था। पंचू दास कहीं छुप छुपाकर रहते....

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