चींईईईईई की जोरदार आवाज के साथ फुल स्पीड में चल रही कार झटके खाकर अचानक रुक गई। इस जबर्दस्त ब्रेक की वजह से ईंजन भी दर्द से चीख उठी थी। मैं इस चीख को मुश्किल से अभी सुन ही पाई थी कि दरवाजा चीखा। उसे बड़ी बेदर्दी से जोर लगाकर किसी ने झटके से खोल दिया था।
अब चीखने की बारी मेरी थी। उतने ही बेदर्दी से मैं भी कार के अंदर खींच ली गई थी। उसी रफ्रतार में खट से दरवाजा बंद....
