तमाम चैनल सदमे की हालत में थे। कल जिसे वे हीरो बना रहे थे, जिसकी महिमा बखान रहे थे, सरे बाजार उसके धुर्रे उड़ रहे थे। उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि करें तो क्या करें। अपने हीरो को बचाएं तो कैसे बचाएं। हीरो को हीरो बनाने वाले को कैसे बचाएं। संकट पर संकट आए जा रहे हैं।
सभी को एक टूल किट की दरकार थी। सारे संपादक इंतजार कर रहे थे कि टूल किट आ जाए तो राज-सेवा में आगे बढ़ा जा....
