समकालीन हिंदी उपन्यासों की वैविध्यपूर्ण धारा में व्याप्त एक बड़े अभाव की पूर्ति ‘रुई लपेटी आग’ ने की है। यह सच है कि आज हिंदी उपन्यासों में जीवन और समाज से संबंधित हरेक तरह के विषयों का समावेश किया जा रहा है लेकिन परमाणु हथियारों की संहार शक्ति और परमाणु परीक्षण के दुष्प्रभावों पर केंद्रित उपन्यास आज तक हिंदी में नहीं था। अवधेश प्रीत ने अपने नवीनतम उपन्यास ‘रुई ल....
