पंछी ने सुना
बारिश ने सुना
पत्थर की दीवारों और दरवाजों ने सुना
संसद में बैठे माननीय सांसदों ने सुना
सबने सुना
केवल उसने ही नहीं सुना
जिससे कहा-प्यार।
लाल स्याही से लिखी कविताएं
वह कहां लिखता है
शब्द शब्द
अक्षर अक्षर
अर्श दर अर्श
बूंदे गिरती है धारा पर
उपमाएं बरसती ह....
