सूखते चौराहे
क्या तुमने देखा है
सड़कों पर टहलते
सूखते गुलाबी होठों वाली उन नन्हीं तितलियों को
जिनकी मुस्कान के साथ-साथ सुख चुके हैं
उनके आंसू
जिनके बदन के साथ सूख चुकी है
उनकी रूहानी खुश्बू
और क्यों न सूखे
उनको पिलाया भी गया है
सूखते मां के सूख चुके स्तन को
इन नन्हीं तितलियों का
अब नहीं होता है कोई खास सीजन
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