अनुभूति गुप्ता

अनुभूति गुप्ता की छह कविताएं

बहुत कुछ खोया था


कुछ खोया था
बहुत बार खोया था

एक आदमी का सबकुछ
खवाब और पवित्र खुशबू

एक कुएं पास लौटा था
खुद को डुबोने के लिए
एक आदमी का सबकुछ
बहुत कुछ खोया था

लुटा दी जिंदगी अपनी
प्रांगण की धूप थी जितनी

एक कुएं पास लौटा था
जल में अपना नाम खोजने
विशालकाय देह....

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