दीपक का उस दिन जन्मदिन था! उसने परिवार में कहा मां-बाप -भाई से कहा कि बहुत दिनों से उसका मन
‘वी वैल्कम यू’ रेस्तां में लेन लेने का है।’
-तो चलो न! पर पिछली बार के उस विशाल होटल में मत ले चलना जहां न ढंग का भोजन न ही भोजन परोसने वाले! सुनसान में वो महल किसी प्रेत का ही लगा था! वहां केवल एक बहुत मोटी स्त्री ही थी। उन लोगों ने चेयर खींची व बैठ गए। वातावरण में मछली रखने का फि....
