अंधियारे में उजाला
रात गहरा चुकी है
इसमें रोशनी तार तार है
यह अंधेरे का विस्तार है
कल घोषित था
आज अघोषित है
वह आएगा
कभी दबे पांव,
तो कभी शोर-शराबे के साथ
और दबोच ले जाएगा
आप पूछना चाहेंगे
कारण भी जानना चाहेंगे
पर किससे?
‘फादर’ ने तो यही पूछा था
क्या है मेरा अपराध?<....
