गुड़िया तबस्सुम

गुड़िया तबस्सुम की कविताएं

सीमोन के नाम’

सुनो, सीमोन!
नमन तुम्हें!
तुम्हें पढ़कर ही जाना मैंने
कि, ‘औरत पैदा नहीं होती बनाई जाती है!’
तुम्हें पढ़कर ही जाना मैंने
‘सेकेंड सेक्स’ का मतलब!
मेरी पुरखिन ‘सीमोन’!
नमन तुम्हें!
तुमने मुझे समझाया पितृसत्ता का अर्थ!
तुम्हारे लिखे में ही पढ़ा कि,
कितने संघर्षों और जद्दोजहद के बाद मिला हमें,
हमारा स्....

Subscribe Now

पाखी वीडियो


दि संडे पोस्ट

पूछताछ करें