रील्स देखते-देखते बालमुकुंद के नथुने, फड़कने लगे। मुट्ठियां भिच गईं। उसके पैर कांपने लगे। जबड़ा कसता चला गया। उसका बस चलता और वो आदमी रील्स के अंदर न होता। तो अब तक बालमुकुंद दो-चार घूंसे और लात उस अधेड़ पर जमा चुका होता। स्टेज पर एक अधेड़ आदमी एक नाचने वाली सत्रह-अट्ठारह साल की लड़की को किस किए जा रहा था। वो बेतहाशा उसको किस कर रहा था। वो लड़की के होंठों को चबा जाना चाहता था। लड़....
