साहित्य की दुनिया का यह एक निर्मम सच है कि हर दौर में हम कुछ चमकदार सितारा लेखकों को याद रखते हैं और उस दौर के दूसरे महत्वपूर्ण लेखकों को हम भूलते चले जाते हैं जबकि उनका योगदान किसी तरह कम नहीं होता। शिव कुमार शिव भी हिंदी भाषा के एक ऐसे ही लेखक थे जिन्होंने सातवें और आठवें दशक में अपनी कथा कृतियों के जरिए अपनी गहरी छाप छोड़ी और हिंदी कहानी को अपने अछूते कथानकों क....
