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श्रम, संघर्ष और मानव गरिमा के कथाकार

श्रम, संघर्ष और मानव गरिमा के कथाकार
‘पाखी संवाद-जहां शब्द डरते नहीं’ यूट्यूब मंच से 26 फरवरी को प्रसारित संवाद।

आज ‘पाखीµसंवाद, जहां शब्द डरते नहीं’ में हम स्मरण कर रहे हैं उस लेखक को, जिसने महामंदी के दौर में भूख, बेघरपन और श्रमिकों की पीड़ा को शब्द दिए, जॉन स्टाइनबेक। लेकिन इस नोबेल पुरस्कार विजेता ....

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