काफ्का आज क्यों जरूरी हैं?
‘पाखी संवाद-जहां शब्द डरते नहीं’ यूट्यूब मंच से 2 मार्च, 2026 को प्रसारित संवाद।
एक सदी बाद भी क्यों लौटते हैं हम काफ्का की ओर? बीसवीं सदी के आरंभ में प्राग की गलियों में रहने वाला एक बीमार, संकोची, आत्म-संदेह से भरा लेखक आज इक्कीसवीं सदी के डिजिटल, तेज-तर्रार, एल्गोरिद्म-चाल....
