ललित श्रीमाली

निर्णय लेती स्त्रियां

हिंदी की उपन्यास-विधा अपने विस्तृत फलक पर ग्लोबलाइजेशन, बाजारवाद, संचार क्रांति, नवसाम्राज्यवाद, सांस्कृतिक वर्चस्व, सांप्रदायिकता की समस्याओं को और भी विस्तार तथा गहराई से विश्लेषित करने की स्थिति में पहुंच गई है। अपने कथात्मक धरातल पर हिंदी उपन्यासों में बहुत ही सूक्ष्म संवेदन, गहराई और विस्तार में जाकर व्यक्ति, समाज और देश पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्य....

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