चैताली सिन्हा

श्रमिक स्त्री-जीवन की कहानियां

एस.आर. हरनोट किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। उनका लेखन ही उनके बहुआयामी व्यक्तित्व का परिचय है। शिमला की पिछड़ी पंचायत व गांव चनावग में 22 जनवरी, 1955 को जन्मे हरनोट ने पर्वतीय जीवन की सुंदरता और जटिलताओं को जिस सूक्ष्मता से उकेरा है वह स्वानुभव से ही संभव है। किसी संचार माध्यम से प्राप्त की गई जानकारियों से नहीं। एस-आर- हरनोट की कहानियों में निहित स्त्री-जीवन और उनक....

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