डॉ. सुनीता की पुस्तक ‘कथा प्रकांतर’ हिंदी कथा आलोचना की प्रवृत्तियां और विवेचनात्मक परिप्रेक्ष्य के संदर्भ में देखने का एक आग्रह और प्रस्ताव है। एक मेटा विमर्श। हिंदी कथा आलोचना का इतिहास महज रचनाओं के मूल्यांकन का इतिहास नहीं है, यह समय, समाज और मनुष्य के अंतर्संबंधों की बदलती संरचनाओं का बौद्धिक मानचित्र भी है। इस मानचित्र में कथा की यात्र आरंभिक स....
