दिखाना जरूरी है
आप प्रतिदिन कुछ भी करो
जितना भी करो,
जैसा भी करो, जब भी करो
या कुछ भी ना करो
बस, दिखाना जरूरी है
चाहे आध्यात्मिक चिंतन,
पूजन-अर्चन, दान-पुण्य, तीर्थाटन, सेवा-सुश्रुषा
तप-साधना हो
दिखाना जरूरी है।
हर्ष-उल्लास, रीत-रस्म
बरतन-व्यवहार
हर पल की खुशियां, खान-पान, हार- शृंगार
काम-काज, हाट-बाजार
मौ....
