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अब क्या, सोचें गर उसने परपोज किया तो सोंचेंगे,
प्यार में किस हद तक जाना है, प्यार हुआ तो सोचेंगे।
तिकड़मबाजी या लॉबिंग सीखी नहीं न सीखेंगे,
रखना है या ठुकराना ईनाम मिला तो सोचेंगे।
किसको देने जाएं वोट खड़े हुए सब रीढ़विहीन,
कोई रीढ़ सलामत रखकर, खड़ा हुआ तो सोचेंगे।
न्याय मांगना हक हमारा, न्याय तो मांगें....
