केदार जी का ‘बनारस’: अर्धम् अस्ति अर्धम् नास्ति
केदारनाथ सिंह के निधन पर उनके शिष्यों, उनकी कविता के प्रेमियों, हिंदी अखबारों, चैनलों और कविता का क भी नहीं जानने वालों ने आठ बरस पहले धरती से आकाश तक जो धूल उड़ाई थीµवह अब बैठ चुकी है। अब उन पर बात की जा सकती है।
अशोक वाजपेयी, मंगलेश डबराल और विजय कुमार से लेकर सदानंद शाही, श्रीप्रकाश शुक्ल इत्यादि ....
