कृति आरके जैन

यादों का बैंक

शहर में एक नया बैंक खुला ‘यादों का बैंक’। यहां लोग  पैसे नहीं, अपनी यादें जमा करते थे। खुशियों की यादों पर अच्छा ब्याज मिलता था, जबकि दुःखद यादें हटाने के लिए लोग फीस देते थे।
एक दिन पचपन वर्षीय अजित वहां पहुंचा। उसने अपनी सबसे प्रिय याद जमा करने का फॉर्म भरा। कर्मचारी ने पूछा, ‘कौन-सी याद?’
अजित मुस्कुराया, ‘वह दिन, जब मेरा पांच साल का बेटा पहली बार....

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