अपूर्व

कृत्रिम बौद्धिकता, लेखक और संपादक

जून, 2026 में साहित्य अकादमी और इंडिया इंटरनेशनल सेंटर ने नई दिल्ली में ‘लेखकविहीन क्षितिज: एआई,  सृजनशीलता और उभरता रचनात्मक वातावरण’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी की। शीर्षक ही अपने भीतर हमारे समय की बेचैनी को समेटे हुए था, लेखकविहीन क्षितिज। यानी क्या वह समय आ सकता है जब हमारे पास रचनाएं होंगी, लेकिन रचनाकार नहीं, शब्द होंगे, लेकिन उनके पीछे किसी मनुष्य का à....

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