मुखौटा
उन्होंने अपनी कविताओं में मनुष्यता की बातें कीं
मनुष्यता को शर्मसार करने वाली घटनाओं पर लिखते रहे पर बलात्कारियों से मित्रता भी बनाए रखी
उन्होंने आदिवासियों के पक्ष में नज्में कहीं
उनकी भाषाओं में मुखरता से दिखी पर्यावरण के चिंता
पर जंगलों को काटकर कारखाने लगाने को विकास कहा
उन्होंने जातिगत....
