संपादक

जिस लेखक ने कहा थाµ‘मैं गंगा का बेटा हूं, मैं ही महाभारत लिखूंगा’

‘पाखी संवाद-जहां शब्द डरते नहीं’ यूट्यूब मंच से 1 सितंबर, 2026  को प्रसारित संवाद।

एक ऐसा साहित्यकार जिसने गांव की मिट्टी, मुसलमानों की सामाजिक दुनिया, हिंदुस्तानी तहजीब, विभाजन की त्रसदी, सांप्रदायिकता, राजनीति, प्रेम और आम आदमी की पीड़ा को अपनी भाषा बनाया और फिर उसी लेखक ने दूरदर्शन के ‘महाभारत’ के संवाद लिखकर करोड़ों à¤....

Subscribe Now

पाखी वीडियो


दि संडे पोस्ट

पूछताछ करें