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जब हिंदी ने पहली बार आधुनिक होकर अपनी आवाज पहचानी

‘पाखी संवाद-जहां शब्द डरते नहीं’ यूट्यूब मंच से 9 सितंबर, 2026 को प्रसारित संवाद।
 

कभी-कभी किसी भाषा के इतिहास में एक ऐसा व्यक्ति आता है जो केवल उस भाषा में लिखता नहीं, बल्कि उसकी पूरी दिशा बदल देता है। वह लेखक होता है, लेकिन उसके भीतर पत्रकार भी होता है, नाटककार भी, कवि भी, सामाजिक आलोचक भी और अपने समय की बेचैनी को पहचानने वà....

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