प्रतिशोध की हथेली पर कर्ण
संकल्पों की रस्सी पर इच्छा-शक्ति का संतुलन
सूरज पालीवाल
अश्विनी कुमार
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हिन्दी साहित्य की पत्रिकाओं की भीड़ में अलग पहचान बनाने वाली 'पाखी' का प्रकाशन सितंबर, 2008 से नियमित जारी है।