इक्कीसवीं सदी की हिंदी कविता में स्त्री के सांस्कृतिक प्रतिरोध
‘रश्मीरथी’ के 75 वर्ष और कर्ण का आत्ममंथन
कृष्णा प्रीति एआर.
अजय चौधरी
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हिन्दी साहित्य की पत्रिकाओं की भीड़ में अलग पहचान बनाने वाली 'पाखी' का प्रकाशन सितंबर, 2008 से नियमित जारी है।