समीरा ऊब कर उठ बैठी। उसे प्यास लगी हुई थी जिसे भुला कर वह सोने का प्रयत्न बहुत देर से कर रही थी लेकिन अब कंठ में जलन होने लगी थी। उसने पलंग के दूसरे हिस्से में सो रहे आदमी को देखा। वो उसकी तरफ पीठ किये सो रहा था। हल्के खर्राटे उसकी गहरी और संतुष्ट नींद की सूचना दे रहे थे। स्पष्ट था उसे जगा कर पानी के लिये कहना अमानवीय होता। महज एक ग्लास पानी के लिये किसी को इतनी गहरी नींद से जग....
