प्रेम आदम जात की नैसर्गिक व कदाचित सर्वाधिक जटिल वृत्ति है| मनुष्य की इस वृत्ति व इसके जैसी अन्य आदिम वृत्तियों का आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने अपने भाव व मनोविकार से जुड़े निबन्धों में बेहद तार्किक, मनोवैज्ञानिक व सूक्ष्म विश्लेषण किया है, वे मानते हैं कि मनुष्य के जीवन का आरम्भ केवल सुख और दुःख की जोड़ी की अनुभूति के द्वंद्व से ही होता है| जो बाद में ‘नाना वि....
