‘पहल’ के संस्थापक, संपादक और प्रख्यात साहित्यकार ज्ञानरंजन 90 वर्ष में 7 जनवरी की रात जबलपुर में नश्वर देह का त्याग कर दिया। वर्ष 2012 में उन्हें जे.सी. जोशी स्मृति शब्द सम्मान दिया गया था और सिंतंबर, 2012 का ‘पाखी’ अंक उन पर एकाग्र था। ज्ञानजी के इस अंक के लिए ‘पाखी’ के तत्कालीन संपादक प्रेम भारद्वाज राजेंद्र, चंद्रकांत राय और राजेंद्र दानी ने विस्तृ....
