क्या जरूरी है एक पुरुष में थोड़ी स्त्री का होना!
हां जरूरी है
जैसे सूर्य की तपिश के बाद
उस पानी का बरसना,
बेघर मनुष्य के सिर पे
अपनी छत का होना,
परेशान बेरोजगार युवाओं को
एक नौकरी का मिलना,
ठीक वैसे ही जरूरी है
एक पुरुष में थोड़ी स्त्री का होना।
संस्कारों की चादर उड़ा
स्त्रियों को ये सीख दी जाती है,
उठाना है उसे
जिम्मेद....
