ऋचा गौतम

ऋचा गौतम की कविताएं

नियति 

सब कुछ खत्म हो जाने के बाद भी, बहुत कुछ शेष रह जाता है!
हजार उलाहनों के बीच भी ईश्वर कुछ बीज उगाने को बिखेर देता है।
प्रारंभ और अंत के बीच जो जीवन है, वह सरल नहीं है 
सरल तो प्रारंभ और अंत भी नहीं है
फूल इस लिए नहीं हैं कि कांटे चुभेंगे नहीं 
बल्कि फूल जीवन है, कांटे संघर्ष 
बिना संघर्ष तो जन्म भी नहीं मिलता    
बिना दुख म....

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