मुहम्मद हारून रशीद खान

मोहन राकेश का रचना कर्म

मैंने मोहन राकेश के चारों नाटक ‘आषाढ़ का दिन’, ‘लहरों के राजहंस,’ ‘आधे अधूरे’ तथा ‘पैर तले की जमीन’ पढ़ा है। अनेक परिसंवादों में नव-लेखन कहानी, उपन्यास एवं नाटक के बारे में मोहन राकेश के विचारों से मेरा परिचय हुआ है। इनकी रचनाओं तथा इनके साहित्यिक विचार के अनुशीलन से यह पता चलता है कि मोहन राकेश अपने समय के चर्चित रचनाधर्मी हैं। उन्होंने कहानी के बाद उपन्यास, ....

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