सैयद शबीहा क़ाज़ी

सैयद शबीहा क़ाज़ी की कविता

जब मैं छोटा बच्चा था

जब मैं छोटा बच्चा था
मैं ये सोचा करता था,
जल्द बड़ा हो जाऊं ताकि
दुनिया मैं जी पाऊं बाकी।

दुनिया कितनी अच्छी होगी,
कुछ पक्की, कुछ कच्ची होगी।
मैं दुनिया में नाम करूंगा,
अच्छे लोगों-सा काम करूंगा।

बजेंगे ढोलक सभी घरों में,
खिलेंगी खुशियां सभी जानों में।
ये और वो कानून-कायदा, Subscribe Now

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