केदारनाथ सिंह हिंदी साहित्य के ऐसे चितेरे हैं जिनकी कविताएं अपने समय के विरुद्ध खड़ी दिखाई देती है। केदारनाथ जी की कविताओं में गांव की गरीबी और चकाचौंध दिखने वाली शहरों का तनाव साफ झलकता है। यह तनाव अब नहीं है या आगे नहीं रहेगा, ऐसा कहना बेमानी होगा। यह तनाव आगे भी रहेगा। गांव और कस्बों से रोजी-रोटी की तलाश में शहर आए लोगों की सिसकती जिंदगियां किस कदर शहरों के छोटे से कमर....
