डॉ. देविना अक्षयवर

सिया की शुद्धि

मास्टर  केशवराम ने जब ग्राम पंचायत की ओर से भेजे गए खत को पढ़ा तो उसके होश उड़ गए। बेटी का ब्याह रचाने की उम्र में एक पिता को यह दिन भी देखना पड़ेगा, उसे अंदाज़ा न था। वह दरवाज़े की चौखट पर हाथ में भोजन की थाली लिए, अपनी पत्नी को यूँ देख रहा था जैसे पूरे गाँव-मोहल्ले के लोगों ने दरांते से उसकी ज़बान काट ली हो। जिस आदमी को गाँव के किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में बड़े आदर भाव से भाषण देने ....

Subscribe Now

पाखी वीडियो


दि संडे पोस्ट

पूछताछ करें