सर्दियां शुरू होते हीलोगों की आवाजाही ज्यादा हो जाती है इन रास्तों पर। गर्मियों में कोई आदमीभूले-भटके भी नहीं दिखता। अभी तो गर्मी की शुरूआत है। दोपहर धूप होती है मगरसुबह-शाम सुहावनी, इसलिए लोगों काआना-जाना लगा रहता है। झुनकी अपनी टोकरी पेड़ की छांह में छोड़कर जरा किनारे चली आई है, जहां से दूधिया पानी पूरे जोर और शोर से नीचे गिरता दिख रहा है, कई धारों में बं....
