ठौर
हम स्त्रियों को खुद बनाना है अपना बाँध एकजुट होकर,सहेजना है एक-दूसरे का सम्मान,तभी तो स्त्री की ऊर्जा से जगमगाएगा पूरा समाज। दिव्या शुक्ला , हिन्दी कहानी के समकाल में एक सुपरिचित लेखिका। उनकी नयी किताब "ठौर" कथा संकलन , रश्मि प्रकाशन से प्रकाशित है। सात अद्भुत कहानियों के इस संग्रह में रिश्तों की डोरी के धागे को रेशे-रेशे में बा....
