डिनर करने के बाद जयदेव आदतन जब स्टडी रूम में आया, तो एक बार फिर वही विचार उसके दिमाग में कौंधा, विचार था- कई पुराने तथ्य, मान्यताएं जिन्हें पहले सार्वभौमिक सत्य माना जाता था। कालांतर में वे वैज्ञानिकों, विचारकों, शिक्षाविदों के अनवरत शोध और परिश्रम के कारण गलत साबित हुए और फिर मानव सभ्यता और विकास की कहानी भी यही तो है।
परंतु कुछ तथ्य, कुछ खोज, कुछ आशातीत पर....
