महानंद सुबह ही दो नम्बरवाले मिलिट्री कैंप में गया था. पिछले हफ्ते महानंद ने उस कैंप के लिए चार ट्रक कांटे के तार सप्लाई किए थे. आज उसका पेमेंट मिलनेवाला था. कैंप में पहुँचने के बाद पता चला कि पेमेंट दोपहर बाद होगी. पैसा लेने के लिए गाड़ी और आदमी अभी गया ही है. महानंद को इस समय घर वापस लौटने का मन नहीं हुआ. पहचानवाले लोगों के साथ कैंटीन में गपशप करते हुए पहले चाय और फिर दोपहर का ....
